वाहिदी मनकबत
नईम वारसी बरेली शरीफ धौरा
सरकार का है फैजान ये वाहिदी फैजान है ये तययबी फैजान
हक ने है तेरे चारो तरफ ढंके बजाये अब किसमें ये जुर्ररत है तेरी शान घटाये
मकरूज मुस्लमा हे तेरे मीर गिरामी
दिल मुर्दा दिलों को हे तूने जिलाये
आलिम भी मुहदिस्सम भी फकीह और हो सूफी
गुल हो तो तेरे बाग में तेरे खिलाये
तस्नीफ लतीफात की है सबअ सनाबिल
आलम सिम्त हर है एक धूम मचाये
सुयेब रजा बरेली शरीफ
आ गया उर्से वाहिदी आ गया उर्से वाहिदी
अल्लाह का करम है अता उर्से वाहिदी
सरकारे दो जहां की रजा उर्से वाहिदी
सययद सुहैल शाह का दीदार हो गया
बरकात की वजह का बना उर्से वाहिदी
जन्नत सी बिलग्राम की लगती है रौनके
जन्नत का लेके आया पता उर्से वाहिदी
इस्राईल रागिब
बहुत नाम उंचा है ताहिर मियां का
जमाने में जलवा है ताहिर मियां का
मेरे घर में होती है रहमत की बारिश
मेरे घर में तोहरा है ताहिर मियां का
नजर आ रही है मुझे मेरी मंजिल
निगाहो में रौजा है ताहिर मियां का
मुझे कब्र की तारीखी का नही डर
मेरे पास शजरा है ताहिर मियां का





